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THOUGHTS COLLECTION 2025

THOUGHTS:-  




Thoughts — आनंद किशोर मेहता

  1. ना मुझे काना-फूसी भाती है, ना जी-हुजूरी रास आती है; मैं तो बस प्रेम का राही हूँ।

  2. झूठ के सहारे बड़ी-बड़ी बातें की जा सकती हैं, लेकिन मानवता की ऊँचाई केवल सच से ही हासिल होती है।

  3. मानवता कोई वेश नहीं, जिसे ज़रूरत के हिसाब से बदला जा सके — यह तो आत्मा की असली परछाई है।

  4. जहाँ स्वार्थ बोलते हैं, वहाँ वास्तविकता खामोश हो जाती है — क्योंकि वह दिखावे की मोहताज नहीं होती।

  5. जो अपने ही मन की भ्रमों और दुर्बलताओं पर विजय पा ले — वही सच्चा शूरवीर है।

  6. माँ-बाप वो साया हैं जो धूप में जलते हुए भी हमें ठंडक देते हैं — और हम छाँव में रहकर भी उनकी तपन को नज़रअंदाज़ कर जाते हैं।

  7. दुनिया चाहे झूठ बोले या भ्रम फैलाए — पर अंततः तुम्हारा कर्म ही तुम्हारी पहचान बनता है।

  8. कृतज्ञता वह चाबी है जो हमारे पास मौजूद चीज़ों को ही पर्याप्त बना देती है।

  9. जीवन एक यात्रा है — कुछ साथ चलते हैं, कुछ मोड़ पर विदा लेते हैं, पर जिनसे प्रेम था, वे कभी दूर नहीं जाते।

  10. असली संघर्ष सड़क पर नहीं, अंदर की चुप्पी में छिपा होता है।

  11. कुछ स्थितियाँ स्वीकारना ही शांति की शुरुआत है — यह कमजोरी नहीं, परिपक्वता है।

  12. कभी सोचा था कि शब्दों से हल्का हो जाऊँगा, पर अब लगता है — शब्द भी बोझ बन गए हैं, क्योंकि सुनने वाला दिल नहीं रहा…

  13. हर मुस्कान सच्ची नहीं होती — कभी-कभी वह दर्द का सबसे सुंदर पर्दा होती है।

  14. हर बार चुप रहना विनम्रता नहीं — कभी-कभी यह खुद से की गई सबसे बड़ी बेईमानी होती है।

  15. दुनिया बस सुनना चाहती है वही, जो समझ सके। और मेरी कहानी — या तो बहुत गहरी है, या बहुत अकेली…


आनन्द किशोर मेहता 

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