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होली: रंगों से परे प्रेम, चेतना और आत्मिक जागरण का उत्सव

होली: रंगों से परे प्रेम, चेतना और आत्मिक जागरण का उत्सव ~ आनंद किशोर मेहता होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है। यह प्रेम की ज्योति जलाने, आत्मिक चेतना में डूबने और जीवन के सभी भेदभाव मिटाने का पर्व है। यह बाहरी उत्सव मात्र नहीं, बल्कि हमारे भीतर छिपे आनंद, प्रेम और आध्यात्मिक ऊर्जा के प्रस्फुटन का अवसर है। होली का आध्यात्मिक संदेश जब तक हम केवल बाहरी रंगों में उलझे रहेंगे, सच्चा आनंद अधूरा रहेगा। यह पर्व हमें निमंत्रण देता है कि हम अपने भीतर झाँकें, अहंकार और नकारात्मकताओं को जलाएँ और प्रेम, करुणा तथा दिव्यता के रंगों में स्वयं को सराबोर करें। आध्यात्मिक होली के प्रमुख पहलू भीतर की नकारात्मकता को जलाना – क्रोध, ईर्ष्या, मोह और अहंकार को समाप्त करना। सच्चे आनंद की अनुभूति – प्रेम और आत्मिक शांति के रंग स्थायी हैं। मोह-माया से मुक्ति – सांसारिक भटकाव से मुक्त होकर आत्मा के सत्य स्वरूप का बोध। ईश्वर से एकाकार होना – बाहरी रंगों के बाद शुद्ध चेतना का अनुभव। सर्वत्र प्रेम और करुणा का विस्तार – समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलाना। होली: प्रेम, सौहार्द्र और उल्लास का प्रतीक...

वसुधैव कुटुम्बकम: एक धरती, एक परिवार

वसुधैव कुटुम्बकम: एक धरती, एक परिवार  वसुधैव कुटुम्बकम: एक धरती, एक परिवार  “वसुधैव कुटुम्बकम”—सदियों पुराना यह भारतीय विचार आज की दुनिया के लिए सबसे प्रासंगिक संदेश बन चुका है। इसका अर्थ है कि पूरी धरती एक परिवार है, और इस परिवार के हर सदस्य का सम्मान, प्रेम और सुरक्षा हमारा नैतिक कर्तव्य है। जब हम पृथ्वी को केवल एक भूभाग नहीं, बल्कि एक जीवित और भावनाशील परिवार के रूप में देखते हैं, तब मानवता का असली अर्थ समझ में आता है। आज दुनिया कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रही है—संघर्ष, पर्यावरणीय संकट, असमानता और सांस्कृतिक दूरी। इन सबके बीच यदि कोई विचार हमें एक दिशा दे सकता है, तो वह है सामूहिक एकता । वसुधैव कुटुम्बकम यही सिखाता है कि मानवता की जय तभी है, जब हम एक-दूसरे को बाँटने वाले नहीं, जोड़ने वाले बनें। परिवार की सबसे बड़ी पहचान है— सहयोग, संवेदना और विश्वास। जैसे घर में कोई भी सदस्य अलग नहीं होता, वैसे ही इस धरती पर जन्म लेने वाला प्रत्येक व्यक्ति एक ही धूप, एक ही हवा और एक ही उम्मीद का हिस्सा है। भिन्न भाषाएँ, संस्कृतियाँ और रंग हमें अलग नहीं करते; बल्कि यह व...