जीवन का नया अध्याय 2025 — साठ वर्षों की अमृत बेला में। परम दयालु कुल मालिक दाता दयाल के चरणों में नम्र वंदन 🙏 जन्म तिथि : 5 नवम्बर 1965 समय के आंगन में खिला वह प्रभात — जब रूह ने इस धरती को छुआ और जीवन अपनी यात्रा पर चल पड़ा। — आनंद किशोर मेहता आज का दिन किसी बड़े उत्सव का नहीं, न किसी प्रदर्शन का। यह बस एक शांत, पावन क्षण है, कृतज्ञता और नम्र धन्यवाद से भरा हुआ । साठ वर्षों की इस यात्रा में हर श्वास, हर अनुभव, दाता की असीम दया और मेहर से ही संभव हुआ। उन्होंने थामा जब मैं गिरा, रास्ता दिखाया जब मैं भटका, और प्रेम दिया जब मैं अकेला था। आज भीतर एक नई सुबह है — आत्मा जैसे फिर से मुस्कुराना सीख रही हो, स्वीकारना और धन्यवाद देना सीख रही हो। यह मेरा पहला जन्मदिन है — क्योंकि आज मैं “जीना” सीख रहा हूँ । अब मैं उम्र नहीं, अनुभव गिनना चाहता हूँ ; अब मैं समय नहीं, मुस्कानें बाँटना चाहता हूँ । यह दिन दाता की दया और मेहर का उत्सव है — जिसने अब तक जीवन को अर्थ और दिशा दी। जो कुछ मिला — वह आशीर्वाद था, जो नहीं मिला — उसमें भी सुरक्षा और प्रेम छिपा था। हर कठिन राह उनक...
Educational and motivational blog by Anand Kishor Mehta, sharing teaching methods, personal experiences, and positive thinking insights.