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SELF CARE — जीवन की मूलधारा

SELF CARE — जीवन की मूलधारा — आनंद किशोर मेहता SELF CARE केवल व्यक्तिगत सुख-सुविधा नहीं है; यह जीवन की जड़ है। यह वह आधार है जिससे हमारी ऊर्जा, करुणा और सच्चाई पनपती है। जब हम अपने प्रति दया और सम्मान दिखाते हैं, तो हमारे रिश्तों में मिठास और हमारे सपनों में उजाला स्वतः भर जाता है। आत्मसम्मान और सहानुभूति के बिना जीवन अधूरा है। हमें यह समझना चाहिए कि जो व्यक्ति हमें सोचने और बढ़ने में प्रेरित करता है, वह असाधारण है। गलती स्वीकारना हार नहीं, बल्कि नए आरंभ का द्वार है। प्रयास, संघर्ष और अनुभव—यही जीवन के असली स्तंभ हैं। SELF CARE में धैर्य और सहनशीलता भी शामिल हैं। समय को रोका नहीं जा सकता; वह हमें अनुभवों से ढालता है। परिवर्तन से डरना व्यर्थ है, क्योंकि जो खोता दिखता है, उससे कहीं बेहतर प्राप्त होता है। जीवन में खोकर भी जो आनंद मिलता है, वह शब्दों से परे है। सेवा और ध्यान का मार्ग कभी अकेला महसूस करा सकता है, लेकिन यह हमें भीतर की शांति और सुरक्षा देता है। सेवा ‘मैं’ को पिघलाकर ‘हम’ में बदल देती है और हर कार्य में संतुलन लाती है। यही मार्ग हमें ईश्वर और जीवन के उच्चतम उ...