🌿 " यात्रा के दौरान आत्मिक अनुभवों को गहराई से आत्मसात करना, यात्रा का असली आनंद" 🌿 लेखक: आनंद किशोर मेहता यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने का नाम नहीं, बल्कि अपने भीतर नए अनुभवों को बसाने की प्रक्रिया है। जब हम किसी जगह को सिर्फ देखने नहीं, बल्कि महसूस करने जाते हैं, तब ही यात्रा का असली आनंद मिलता है। हर भूमि, हर संस्कृति, हर गली अपने भीतर एक कहानी लिए होती है—एक ऐसी कहानी जिसे पढ़ने के लिए हमें संवेदनशील हृदय और खुला दृष्टिकोण चाहिए। संस्कृति और जीवनशैली को आत्मसात करें हर स्थान अपनी परंपराओं, बोली, लोककथाओं और रंगों से जीवंत होता है। जब हम वहाँ के लोगों के जीवन को समझने का प्रयास करते हैं, तो वह जगह हमारे भीतर बस जाती है। किसी भी भूमि को समझने के लिए उसके सामाजिक मूल्यों और जीवन-दर्शन को अपनाना आवश्यक है। स्थानीय अनुभवों को अपनाएँ किसी जगह की आत्मा को छूना है, तो वहाँ ठहरने का तरीका भी स्थानीय हो...
Fatherhood of God & Brotherhood of Man.