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Arya Nagari Concept Explained: Vision of Param Guru Sahabji Maharaj & Dayalbagh Model

‘आर्य नगरी’ का सपना हुआ साकार — परम गुरु साहबजी महाराज की दिव्य दृष्टि क्या आपने कभी सोचा है कि एक ऐसा समाज भी हो सकता है जहाँ अनुशासन, सेवा और आध्यात्मिकता ही जीवन का आधार हो? इसी दिव्य विचार को साकार रूप दिया परम गुरु साहबजी महाराज  ने , जब उन्होंने 1915 में की स्थापना की। लेकिन केवल एक स्थान नहीं है… यह एक “आर्य नगरी” की जीवित और साकार कल्पना है। 🌼 “आर्य नगरी” का असली अर्थ “आर्य” केवल एक शब्द नहीं, बल्कि एक गुण है — श्रेष्ठता, उच्च विचार और आदर्श जीवन। परम गुरु साहबजी महाराज की दृष्टि में “आर्य नगरी” वह स्थान है: जहाँ व्यक्ति अपने चरित्र को ऊँचा उठाए जहाँ जीवन स्वार्थ नहीं, बल्कि सेवा (Seva) पर आधारित हो जहाँ हर कार्य आध्यात्मिक साधना बन जाए 🌱 दयालबाग — एक जीवंत प्रयोग को इस तरह बसाया गया कि यह केवल एक विचार न रहे, बल्कि एक जीवंत उदाहरण (Living Model) बने। यहाँ: 🌾 आत्मनिर्भरता — खेती, डेयरी और उद्योग 🤝 सामूहिक जीवन — Community Living 🧘 सत्संग, ध्यान और सेवा 📚 शिक्षा और संस्कार ये सभी मिलकर एक आदर्श समाज की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। ?...

राजाबोरारी से भारत मंडपम तक: DEI का समावेशी विकास मॉडल 🇮🇳

  भारत मंडपम में DEI का प्रेरणादायक प्रदर्शन 🇮🇳  मैंने Dayalbagh Educational Institute (DEI) का वह मॉडल देखा, जो सिर्फ “development talk” नहीं है—बल्कि ground reality में हो रहा real transformation है। भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन “Transforming Tribal India through Technology and Science” में DEI ने जो प्रस्तुत किया, वह वास्तव में ध्यान खींचने वाला था। DST (Government of India) समर्थित इस पहल के तहत मध्य प्रदेश के राजाबोरारी क्षेत्र में एक ऐसा integrated model विकसित किया गया है, जो कई स्तरों पर बदलाव ला रहा है: ✔️ Education & Skill Development for empowerment ✔️ Rural entrepreneurship + SHG-based livelihood ✔️ Digital inclusion to bridge the gap ✔️ Agriculture & dairy value-chain development यह मॉडल सिर्फ theory नहीं है, बल्कि live, working and scalable model है, जिसे policymakers और experts से भी सराहना मिली है। इस journey में Dr. Sumir Devaguptapu Rao जैसे समर्पित नेतृत्व का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय है। 👏 ✨ Real change doesn’t happe...

राधास्वामी सतसंग दयालबाग का होम्योपैथी सेवा, शिक्षा एवं शोध मॉडल

दयालबाग (आगरा) में होम्योपैथी क्षेत्र का विकास एवं सेवा मॉडल  (विश्वसनीय एवं आधिकारिक संस्थागत स्रोतों के आधार पर संकलित) दयालबाग, आगरा स्थित Dayalbagh Educational Institute ने होम्योपैथी चिकित्सा के क्षेत्र में शिक्षा, सेवा और शोध को एकीकृत करते हुए एक अनूठा और जन-हितकारी मॉडल विकसित किया है। यह मॉडल चिकित्सा शिक्षा, सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक कल्याण के समन्वय पर आधारित है, जहाँ चिकित्सा को केवल उपचार नहीं बल्कि जनसेवा का माध्यम माना जाता है। Faculty of Integrated Medicine (AYUSH) के अंतर्गत संचालित होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ वास्तविक क्लिनिकल प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है, जिससे वे व्यावहारिक अनुभव के साथ दक्ष चिकित्सक बन सकें। संस्थान में OPD सेवाएँ तथा लगभग 30 बेड क्षमता वाली IPD सुविधा उपलब्ध है, जहाँ समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर जरूरतमंद मरीजों को सुलभ एवं किफायती चिकित्सा सेवाएँ प्रदान की जाती हैं। साथ ही, नियमित स्वास्थ्य शिविरों और जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में होम्...

राधास्वामी सतसंग दयालबाग में कृषि सेवा का महापर्व

कृषि सेवा का पावन स्वरूप राधास्वामी सतसंग दयालबाग में कृषि कार्य एक पावन सेवा के रूप में प्रतिदिन सैकड़ों सेवकों द्वारा समर्पण भाव से किया जाता है। दयालबाग की आत्मनिर्भर जीवन शैली में जैविक कृषि और डेयरी को विशेष महत्व प्राप्त है। फसलों की कटाई एक महोत्सव यहाँ रबी और खरीफ की फसलों को एक त्यौहार के रूप में सामूहिक सहभागिता के साथ मनाया जाता है। विशेष रूप से गेहूं एवं धान की कटाई एक भव्य महोत्सव का रूप ले लेती है, जिसमें आठ से दस हजार अनुयायी उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। इस दौरान आधुनिक हार्वेस्टर का उपयोग नहीं किया जाता, बल्कि सेवक अपने हाथों से फसल की कटाई कर सेवा, श्रम और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। सेवा में समानता का भाव यहाँ न कोई ऊँच-नीच का भेद है, न पद-प्रतिष्ठा का अंतर-चाहे उद्योगपति हों, आईएएस अधिकारी, सीईओ या साधारण जन, सभी एक समान भाव से खेतों में कंधे से कंधा मिलाकर कृषि सेवा करते हैं, जहाँ मानवता और समर्पण ही सबसे बड़ा परिचय बन जाता है। विभिन्न राज्यों से सहभागिता इसी पावन सेवा में सहभागिता हेतु आज राजाबरारी और मोगराधाना से 115 राधास्वामी सतसंग के अनुया...

राजाबरारी: सेवा, समर्पण और प्रेरणा का आदर्श — सम्माननीय कार्यकर्ता सदस्यगण

सम्माननीय कार्यकर्ता सदस्यगण, राजाबरारी: सेवा और प्रेरणा का आदर्श इधर पिछले वर्ष से मुझे कई बार राजाबरारी जाने का तथा वहाँ की सेवाओं में सहयोग करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। हर बार वहाँ जाकर जो अनुभव मिला, वह मेरे लिए अत्यंत प्रेरणादायक और हृदय को गहराई से स्पर्श करने वाला रहा। दयालबाग के राजाबरारी क्षेत्र में सक्रिय कार्यकर्ता सदस्यों का समर्पण, अनुशासन और विशेष रूप से उनकी अत्यंत विनम्र एवं निस्वार्थ सेवा ने मुझे गहराई से प्रभावित किया। वहाँ की सेवाओं को निकट से देखकर यह अनुभव हुआ कि यह केवल कार्य नहीं, बल्कि सच्चे अर्थों में सेवा, साधना और समर्पण की एक सजीव अभिव्यक्ति है। प्रातःकाल के समय भाईयों और बहनों को पूर्ण अनुशासन और निष्ठा के साथ खेतों में सेवा करते देखना वास्तव में अत्यंत प्रेरणादायक अनुभव है। इतनी सुबह, शांत और समर्पित भाव से सेवा में लगे रहना निस्वार्थ सेवा का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करता है। इसी प्रकार, दयालबाग राजाबरारी के विस्तृत जंगल क्षेत्र की देखरेख और संरक्षण का कार्य भी अत्यंत महत्वपूर्ण सेवा के रूप में किया जा रहा है। प्रकृति की रक्षा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति यह...

राधास्वामी सतसंग दयालबाग की एक दिवसीय औद्योगिक प्रदर्शनी – राजाबरारी, Harda

राधास्वामी सतसंग दयालबाग की एक दिवसीय औद्योगिक प्रदर्शनी – राजाबरारी, Harda आज हरदा में राजाबरारी ईस्टेट ब्रांच द्वारा एक दिवसीय औद्योगिक प्रदर्शनी का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर दयालबाग के सरल जीवन, स्वावलंबन और “नो प्रॉफिट–नो लॉस” सिद्धांत पर आधारित उत्पादों को समाज के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रातः 11 बजे कलेक्टर महोदय ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और सभी स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए इस सेवा-कार्य की सराहना की। राजाबरारी और टिमरनी के युवा भाई-बहनों ने अनुशासन, उत्साह और विनम्रता के साथ अपनी सेवाएँ प्रदान कीं। इस प्रदर्शनी का एक प्रमुख आकर्षण राजाबरारी द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों की चित्रात्मक प्रस्तुति रही, जिसने आगंतुकों को वहाँ हो रहे सेवा-कार्य, उत्पादन और सामाजिक प्रयासों से परिचित कराया। प्रदर्शनी में सर्वसाधारण के दैनिक उपयोग की वस्तुएँ भी प्रदर्शित की गईं, जैसे – डबल और सिंगल बेडशीट, तौलिया, गमछा, आयुर्वेदिक औषधियाँ, तेल, साबुन, हैंडलूम सूती कपड़ा, मच्छरदानी, ऊनी शॉल व खेस, बैग, गंजी, गर्म इनर, लोअर आदि। विशेष रूप से शुद्ध मसाले भी प्रदर्शित किए गए, ज...

दयालबाग: “खेत सिक्युरिटी सेवा की झलक” 2024

दयालबाग: “खेत सिक्युरिटी सेवा की झलक”  AUTHOR: ANAND KISHOR MEHTA Gmail: pbanandkishor@gmail.com   कविता: दयालबाग: “खेत सिक्युरिटी सेवा की झलक”.   (सेवा के पावन अनुभवों पर आधारित एक सहज और सुंदर कविता).                    — आनन्द किशोर मेहता सेवा का जब अवसर मिला, मन प्रेम और आनंद में झूमा। पावन खेतों की इस धरा पर, हर क्षण अमृत सा लगा। हरियाणा–राजस्थान संग सटा, यह समर्पण का पुण्य शिविर। जहाँ प्रेमी जुटे निरंतर, सेवा की लय में रमे। बिना विश्राम, बिना अवकाश, हर पल सेवा में डूबे। जहाँ चरण पड़े मालिक के, वहीं खिल उठी प्रेम की आभा। यमुना की लहरों पर नौका-विहार, सेवा ने और रस भर दिया। यमुना तीरे सेवा में मग्न, स्वयं को हम भूल गए। सुबह, दोपहर, शाम और रात, सेवा का क्रम यूँ चलता रहा। एक गज की दूरी से दर्शन, प्रेम-सागर में समा गए। कृपा से धन्य हुआ अवसर, हृदय में उत्साह अमर। हे मालिक! दया बनाए रखना, प्रेम और भक्ति सदा खिले। (दिनांक: 23 जून २०२४) दयालबाग: “खेत सिक्युरिटी सेवा की झलक” (भदेजी सेंटर की कहानी)  सतसंग...