कृषि सेवा का पावन स्वरूप राधास्वामी सतसंग दयालबाग में कृषि कार्य एक पावन सेवा के रूप में प्रतिदिन सैकड़ों सेवकों द्वारा समर्पण भाव से किया जाता है। दयालबाग की आत्मनिर्भर जीवन शैली में जैविक कृषि और डेयरी को विशेष महत्व प्राप्त है। फसलों की कटाई एक महोत्सव यहाँ रबी और खरीफ की फसलों को एक त्यौहार के रूप में सामूहिक सहभागिता के साथ मनाया जाता है। विशेष रूप से गेहूं एवं धान की कटाई एक भव्य महोत्सव का रूप ले लेती है, जिसमें आठ से दस हजार अनुयायी उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। इस दौरान आधुनिक हार्वेस्टर का उपयोग नहीं किया जाता, बल्कि सेवक अपने हाथों से फसल की कटाई कर सेवा, श्रम और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। सेवा में समानता का भाव यहाँ न कोई ऊँच-नीच का भेद है, न पद-प्रतिष्ठा का अंतर-चाहे उद्योगपति हों, आईएएस अधिकारी, सीईओ या साधारण जन, सभी एक समान भाव से खेतों में कंधे से कंधा मिलाकर कृषि सेवा करते हैं, जहाँ मानवता और समर्पण ही सबसे बड़ा परिचय बन जाता है। विभिन्न राज्यों से सहभागिता इसी पावन सेवा में सहभागिता हेतु आज राजाबरारी और मोगराधाना से 115 राधास्वामी सतसंग के अनुया...
🌏 दुनिया लगातार बदल रही है, और ऐसे समय में डर महसूस होना स्वाभाविक है। लेकिन आपकी सोच और विश्वास ही आपकी सबसे बड़ी ताकत हैं। जीवन में अनिश्चितताएँ हमेशा रहेंगी—काम, स्वास्थ्य, रिश्ते या भविष्य को लेकर। डर और चिंता आना सामान्य है, लेकिन कठिन समय में आपकी सोच और आपका विश्वास ही सबसे बड़ा अंतर पैदा करते हैं। Adopt a positive outlook: हर चीज़ को नियंत्रित करने की कोशिश न करें। जो आपके हाथ में है, उस पर ध्यान दें। स्पष्टता, आत्मविश्वास और साहस के साथ आगे बढ़ें। कुछ चीज़ें हमारे नियंत्रण से बाहर होती हैं, लेकिन उनका सामना कैसे करना है, यह हमेशा हमारे हाथ में होता है। 🙏 Surrender your trust at the feet of the Supreme Creator. विश्वास बनाए रखें। निर्भीक रहें। अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति समर्पित रहें। सीखना, सेवा करना और निस्वार्थ भाव से कार्य करना कभी न छोड़ें। 💡 याद रखें— विश्वास, सेवा, विनम्रता और मजबूत सोच ही स्थिरता और शक्ति के सच्चे स्रोत हैं। ये न केवल हमें चुनौतियों से बाहर निकालते हैं, बल्कि हमें अंतरदृष्टि, मानसिक संतुलन और व्यक्तिगत विकास भी देते हैं। जब सोच मजबू...