अब समय तुम्हारा है… जब भीतर कोई आवाज़ उठे— “अब समय तुम्हारा है,” तो कदमों को मत बाँधो तुम, बस आगे बढ़ते जाना है। राहें होंगी टेढ़ी-मेढ़ी, धूप भी सिर पर आएगी, पर चलते रहने वालों को ही मंज़िल गले लगाएगी। धीरे चलो तो भी क्या ग़म, बस रुकना तुम्हारा काम नहीं, थक जाओ तो ठहर जाना, पर हार मानना नाम नहीं। कभी गिरोगे, कभी सँभलोगे, यही सफर की कहानी है, जो हर हाल में आगे बढ़े, वही असली वीर निशानी है। तो जब भी दिल ये कहे तुमसे— “अब वक़्त बदलने वाला है,” तो डर को पीछे छोड़ के बस अपने रास्ते चलना है। — Anand Kishor Mehta अंतर्यामी का स्पर्श जब मन की तरंगें शांत हो जाती हैं, और विचार भी थककर ठहर जाते हैं, तब एक सूक्ष्म सी उपस्थिति अंतर में धीरे-धीरे प्रकट होती है। वो शब्दों से परे है, पर हर शब्द उसी से जन्म लेता है। वो रूप से परे है, पर हर रूप में वही बसता है। मेरी हर अनकही प्रार्थना उस तक बिना मार्ग के पहुँच जाती है, क्योंकि वो कहीं बाहर नहीं— मेरे ही अस्तित्व में विराजमान है। जब अहंकार मिटने लगता है, और “मैं” का बंधन ढलने लगता है, तब उसी के प्रकाश में सत्य का द्...
ब्लॉक प्रिंटिंग को मैंने सेवा के रूप में शुरू किया था। और आज भी यह मेरे लिए सेवा के रूप में ही चल रहा है। शुरुआत में यह सिर्फ एक छोटा सा प्रयास था, लेकिन धीरे-धीरे समझ आया कि इसमें सिर्फ कला नहीं, बल्कि एक बड़ा अवसर भी छिपा है। अगर इसे सही तरीके से आगे बढ़ाया जाए, तो यह छोटे स्तर से लेकर बड़े उद्योग तक का रूप ले सकता है और कई लोगों के लिए रोजगार का साधन बन सकता है। मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि इसमें घर में रहने वाली महिलाएँ भी आसानी से जुड़ सकती हैं। वे अपनी जिम्मेदारियों के साथ केवल 2–3 घंटे समय देकर एक सम्मानजनक आय कमा सकती हैं। मेरे लिए यह केवल एक काम नहीं है, बल्कि सेवा, रोजगार और आत्मनिर्भरता को जोड़ने का एक साधन है। अगर इसे सही दिशा और सहयोग मिले, तो यह समाज में कई लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। I started block printing as a form of service, and even today I continue it with the same intention. It began as a small effort, but over time I realized that it is not just an art, but also a big opportunity. If developed in the right way, it can grow from a...