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ठोकर से पैदा हुआ जुनून: जीवन में छोटी ठोकर, बड़ा असर

  ठोकर से पैदा हुआ जुनून: जीवन की छोटी ठोकर, बड़ी सीख  सकारात्मक कार्य केवल सोचने से नहीं होते। अक्सर जीवन में एक छोटी ठोकर ही हमारे भीतर जुनून की आग जला देती है। यही आग हमें आगे बढ़ने की ताकत देती है और हमारे कार्य को दिशा देती है। ठोकरें: हमारी शिक्षक हर ठोकर में छुपी होती है एक सीख। कभी यह हमें रोकती है, तो कभी हमारी अदृश्य क्षमताओं को उजागर करती है। कार्य समय के अनुसार आगे बढ़ता है या रुक जाता है, लेकिन हर अनुभव हमें मजबूत और समझदार बनाता है। बदलाव: छोटे कदम से शुरू होता है असल बदलाव बड़े विचारों से नहीं, बल्कि छोटे कदमों से शुरू होता है, जो ठोकर से पैदा हुए जुनून पर आधारित हों। जीवन में ठोकरों से मत डरिए—वे रुकावट नहीं, बल्कि शक्ति और प्रेरणा की शुरुआत हैं। ✨ सीख: ठोकरें केवल गिरने के लिए नहीं होतीं, बल्कि हमें खड़ा होना और आगे बढ़ना सिखाती हैं। A K Mehta 
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Rajaborari: Humanity Through Seva for All Beings

Rajaborari: Humanity Through Seva for All Beings  Today, maize arrived from Rajaborari at the Bhadeji Centre for preparing multigrain flour. More than just a supply, it carries a simple yet profound message of selfless service and care for all living beings . This initiative is not for personal gain. Its purpose is to nurture the spirit of seva, compassion, and goodwill . Even the smallest act, done with sincerity, can inspire society and create positive change. A small step, a powerful message: “Seva is the true purpose.” This humble act reflects how members of the Dayalbagh Satsang community take continuous, meaningful steps toward serving all beings with dedication and selfless spirit. — A. K. Mehta

साहस, भिन्नता और स्वतंत्रता – जागृत करें अपने भीतर का बाघ

साहस, भिन्नता और स्वतंत्रता की ओर (प्रेरणा: स्वामी विवेकानंद) कभी-कभी मुझे लगता है कि हमारे भीतर का बाघ खत्म  नहीं हुआ है— वह केवल सो रहा है। अवसर उसे जगाते हैं, और अचानक हम साहस, शक्ति और स्पष्टता के साथ कार्य करते हैं। लेकिन शक्ति हमेशा तलवार या औजारों में नहीं होती। सबसे चुनौतीपूर्ण लड़ाइयाँ अक्सर तिरस्कार, सामाजिक निर्णय और बहिष्कार के रूप में होती हैं—उनके खिलाफ जो हमारे जैसे नहीं सोचते। और क्यों हर कोई हमारे जैसा सोचे? इसका कोई कारण नहीं है।  मैं ऐसी दुनिया में जीना चाहता हूँ जो सजगता, सम्मान और स्वतंत्र विचार से भरी हो—भय या समानता की बेड़ियों में नहीं। आइए अपने भीतर के बाघ को जागृत करें और साहस के साथ भिन्नताओं को अपनाएँ।   A K Mehta 

जीवन का अनुभव: जो जोड़ता है वही सबसे मूल्यवान है

जीवन का अनुभव: जो जोड़ता है वही सबसे मूल्यवान है “जीवन के अनुभव ने मुझे यह सिखाया है कि जो व्यक्ति, विचार या व्यवहार लोगों को तोड़ता है, उसे अपने जीवन में नीचे ही स्थान देना चाहिए। लेकिन जो जोड़ता है, प्रेम और एकता बढ़ाता है, उसे सम्मान के साथ सिर पर स्थान देना चाहिए। क्योंकि अंततः वही विचार और वही लोग जीवन, समाज और संबंधों को मजबूत बनाते हैं।” “जीवन का अनुभव: जो तोड़े उसे नीचे रखो, जो जोड़े उसे सिर पर रखो।”

काम, जिम्मेदारी और आत्मसम्मान: जीवन से सीखा एक अनुभव

 काम, जिम्मेदारी और आत्मसम्मान: जीवन से सीखा एक अनुभव  जीवन के अनुभव हमें धीरे-धीरे यह सिखाते हैं कि काम केवल आजीविका का साधन नहीं होता, बल्कि हमारे व्यक्तित्व और मूल्यों का भी प्रतिबिंब होता है। मेरे अपने अनुभव में मुझे कभी किसी के अधीन काम करने से समस्या नहीं रही। हर संस्था और कार्यस्थल पर वरिष्ठों का मार्गदर्शन आवश्यक होता है। लेकिन एक बात हमेशा स्पष्ट रही है—चापलूसी या जी-हुजूरी मेरी प्रकृति का हिस्सा नहीं है। जब भी कोई वरिष्ठ मुझे कोई कार्य सौंपते हैं, मैं उसे केवल एक निर्देश के रूप में नहीं देखता। मैं उसे अपनी जिम्मेदारी मानकर पूरे उत्साह, ईमानदारी और समर्पण के साथ करने का प्रयास करता हूँ। मेरे लिए किसी भी काम का अर्थ केवल उसे पूरा करना नहीं, बल्कि उसे अपनी क्षमता के अनुसार बेहतर बनाना होता है। कभी-कभी ऐसा भी होता है कि यही समर्पण कुछ लोगों को अलग तरीके से दिखाई देता है। ऐसे समय में मैंने अक्सर यह समझा है कि अनावश्यक विवाद या असहजता पैदा करने से बेहतर है कि परिस्थिति को शांतिपूर्वक स्वीकार किया जाए। समय ने मुझे यह सिखाया है कि काम केवल दायित्व नहीं, बल्कि एक अवसर भी है—ज...

सेवा और सीखने की मिसाल – DEI का NSS कैंप

सेवा और सीखने की मिसाल – DEI का NSS कैंप 🌱 Dayalbagh Educational Institute, आगरा में आयोजित सात दिवसीय NSS कैंप में संस्थान के लगभग 3500 प्रथम वर्ष के छात्र उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। यह कैंप केवल गतिविधियों का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सेवा, अनुशासन, टीमवर्क और नेतृत्व सीखने का एक जीवंत अनुभव है। छात्र परिसर और आसपास के समुदाय के लिए कार्य करते हुए निःस्वार्थ सेवा (Seva), सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता को समझ रहे हैं। ऐसी पहलें युवाओं को केवल शिक्षा ही नहीं देतीं, बल्कि उन्हें जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा भी दिखाती हैं।

नेतृत्व का असली रहस्य

नेतृत्व का असली रहस्य  अक्सर हम सोचते हैं कि असाधारण काम केवल असाधारण लोग ही कर सकते हैं। लेकिन सच्चाई कुछ और है। जब लोगों को अपने काम पर स्वामित्व , थोड़ी चुनौती , और अपने मूल्यों से जुड़ा उद्देश्य मिलता है— तो साधारण लोग भी असाधारण काम करने लगते हैं। नेतृत्व का असली सवाल यह नहीं है कि हम कितने खास लोगों को खोज सकते हैं। असल सवाल यह है कि क्या हम ऐसा वातावरण बना रहे हैं, जहाँ हर व्यक्ति अपनी पूरी क्षमता दिखा सके। क्योंकि सही परिस्थितियाँ मिलें, तो साधारण लोग भी असाधारण परिणाम दे सकते हैं। " Alignment gives direction, and ownership gives power—together they unlock true potential ." A K MEHTA