संस्था का पूर्ण विकास और छिपी प्रतिभाओं का महत्व किसी भी संस्था की वास्तविक शक्ति उसकी इमारतों, संसाधनों या बाहरी व्यवस्थाओं में नहीं, बल्कि उसके सदस्यों के भीतर निहित छिपी प्रतिभाओं में होती है। प्रत्येक भाई और बहन अपने भीतर किसी न किसी रूप में विशिष्ट गुण, कला, अनुभव और क्षमता संजोए रहता है। यदि इन प्रतिभाओं को पहचानकर संगत और समाज के हित में उपयोग न किया जाए, तो संस्था का विकास स्वाभाविक रूप से अधूरा रह जाता है। संस्था केवल नियमों और संरचनाओं के सहारे नहीं चलती; वह अपने सदस्यों की सक्रिय सहभागिता, समर्पण और सृजनशीलता से आगे बढ़ती है। जब किसी सदस्य को अपनी प्रतिभा प्रकट करने का अवसर मिलता है, तो वह केवल व्यक्तिगत योगदान ही नहीं देता, बल्कि संस्था की आत्मा को भी समृद्ध करता है। संगीत, लेखन, प्रबंधन, तकनीक, शिक्षण, कृषि, सेवा या संगठन—हर क्षेत्र में छिपी क्षमताएँ संस्था को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की सामर्थ्य रखती हैं। अक्सर संकोच, अवसरों की कमी या उचित मार्गदर्शन के अभाव में अनेक योग्य व्यक्ति पीछे रह जाते हैं। परिणामस्वरूप संस्था एक विशाल संभावनाशील शक्ति से वंचित हो जाती है। य...
Consciousness & Reality — Consciousness & Reality — 20 Essential Questions क्या चेतना मस्तिष्क की उपज है, या मस्तिष्क चेतना का उपकरण मात्र है? Is consciousness produced by the brain, or is the brain merely an instrument of consciousness? क्या वास्तविकता वही है जो हम देखते हैं, या वह चेतना द्वारा निर्मित अनुभव है? Is reality what we perceive, or is it an experience shaped by consciousness? क्वांटम भौतिकी में पर्यवेक्षक की भूमिका क्या चेतना के अस्तित्व की ओर संकेत करती है? Does the role of the observer in quantum physics point toward the existence of consciousness? “मैं” शरीर हूँ, मन हूँ, या इनके पार कोई साक्षी चेतना? Am I the body, the mind, or the witnessing consciousness beyond both? क्या समय और स्थान वस्तुनिष्ठ सत्य हैं, या चेतना के भीतर घटित अनुभव? Are time and space objective realities, or experiences arising within consciousness? क्या चेतना के बिना ब्रह्मांड का अस्तित्व अर्थहीन है? Does the universe have meaning without consciousness? क्या ध...