Skip to main content

Posts

Showing posts with the label राजाबरारी

राजाबरारी: सेवा, समर्पण और प्रेरणा का आदर्श — सम्माननीय कार्यकर्ता सदस्यगण

सम्माननीय कार्यकर्ता सदस्यगण, राजाबरारी: सेवा और प्रेरणा का आदर्श इधर पिछले वर्ष से मुझे कई बार राजाबरारी जाने का तथा वहाँ की सेवाओं में सहयोग करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। हर बार वहाँ जाकर जो अनुभव मिला, वह मेरे लिए अत्यंत प्रेरणादायक और हृदय को गहराई से स्पर्श करने वाला रहा। दयालबाग के राजाबरारी क्षेत्र में सक्रिय कार्यकर्ता सदस्यों का समर्पण, अनुशासन और विशेष रूप से उनकी अत्यंत विनम्र एवं निस्वार्थ सेवा ने मुझे गहराई से प्रभावित किया। वहाँ की सेवाओं को निकट से देखकर यह अनुभव हुआ कि यह केवल कार्य नहीं, बल्कि सच्चे अर्थों में सेवा, साधना और समर्पण की एक सजीव अभिव्यक्ति है। प्रातःकाल के समय भाईयों और बहनों को पूर्ण अनुशासन और निष्ठा के साथ खेतों में सेवा करते देखना वास्तव में अत्यंत प्रेरणादायक अनुभव है। इतनी सुबह, शांत और समर्पित भाव से सेवा में लगे रहना निस्वार्थ सेवा का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करता है। इसी प्रकार, दयालबाग राजाबरारी के विस्तृत जंगल क्षेत्र की देखरेख और संरक्षण का कार्य भी अत्यंत महत्वपूर्ण सेवा के रूप में किया जा रहा है। प्रकृति की रक्षा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति यह...

Rajaborari: Humanity Through Seva for All Beings

Rajaborari: Humanity Through Seva for All Beings  Today, maize arrived from Rajaborari at the Bhadeji Centre for preparing multigrain flour. More than just a supply, it carries a simple yet profound message of selfless service and care for all living beings . This initiative is not for personal gain. Its purpose is to nurture the spirit of seva, compassion, and goodwill . Even the smallest act, done with sincerity, can inspire society and create positive change. A small step, a powerful message: “Seva is the true purpose.” This humble act reflects how members of the Dayalbagh Satsang community take continuous, meaningful steps toward serving all beings with dedication and selfless spirit. — A. K. Mehta