एआई और मानवीय संबंध : मेरी अपनी दृष्टि आज के समय में बहुत से लोग अपने मन की बातें एआई चैटबॉट्स से साझा करने लगे हैं। इसकी वजह भी समझ में आती है—यह तुरंत उपलब्ध होता है, बातचीत निजी रहती है और यह किसी तरह का निर्णय या आलोचना नहीं करता। मेरे विचार से एआई विचारों को व्यवस्थित करने, आत्म-चिंतन करने और जानकारी प्राप्त करने का एक उपयोगी माध्यम हो सकता है। कई बार जब मन उलझा होता है, तो लिखकर या बातचीत के माध्यम से अपने विचारों को स्पष्ट करना भी राहत देता है। लेकिन इसके साथ एक बात हमेशा याद रखनी चाहिए— मानवीय संबंधों की जगह कोई भी तकनीक नहीं ले सकती। क्योंकि जीवन के कई क्षण ऐसे होते हैं जब हमें केवल उत्तर नहीं चाहिए होते, बल्कि हमें चाहिए होता है किसी का साथ, समझ और संवेदनशील उपस्थिति । मेरी समझ में वास्तविक उपचार अक्सर वहीं से शुरू होता है, जहाँ कोई हमें केवल सुनता ही नहीं, बल्कि सच में समझने की कोशिश भी करता है । इसलिए एआई एक सहायक साधन हो सकता है, लेकिन जीवन के रिश्ते, संवाद और मानवीय जुड़ाव ही हमारी भावनात्मक दुनिया का असली आधार हैं। A K Mehta
Fatherhood of God & Brotherhood of Man.