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अमेरिका का जीवन छोड़ आदिवासी क्षेत्र की सेवा – डॉ. ए. एस. रागिनी को सम्मान

अमेरिका का जीवन छोड़ आदिवासी क्षेत्र की सेवा – डॉ. ए. एस. रागिनी को सम्मान 


महिला दिवस के अवसर पर हरदा में आयोजित एक प्रेरक कार्यक्रम में समाजसेवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डीईआई राजाबरारी से जुड़ी शिक्षाविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. ए. एस. रागिनी को विशेष रूप से सम्मान प्रदान किया गया।

डॉ. रागिनी का जीवन समर्पण और सेवा की एक प्रेरक कहानी है। विवाह के पश्चात उन्होंने अमेरिका का सुविधासंपन्न जीवन छोड़कर मध्यप्रदेश के हरदा जिले के आदिवासी क्षेत्र राजाबरारी को अपनी कर्मभूमि बनाया। पिछले लगभग 14 वर्षों से वे वहीं रहकर शिक्षा, कौशल विकास और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही हैं।

ग्रामीण उद्यमिता और महिला सशक्तिकरण विषय पर उन्होंने अपना शोध कार्य भी पूर्ण किया है। साथ ही अनेक आदिवासी महिलाओं को विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ाया है।

उनका यह कार्य केवल शिक्षा या प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में आत्मविश्वास, स्वावलंबन और सकारात्मक परिवर्तन की एक सतत प्रक्रिया का हिस्सा है।

यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि निस्वार्थ सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और मानवता के प्रति समर्पण की भावना का सम्मान है। ऐसे कार्य समाज में प्रेरणा जगाते हैं और यह विश्वास दिलाते हैं कि सच्ची सेवा वही है जो दूसरों के जीवन में आशा और आत्मनिर्भरता का प्रकाश लाए। 🌿✨

— A. K. Mehta

फोटो साभार: स्थानीय समाचार पत्र








Heart-touching moments from the Dayalbagh Exhibition at Rajaborari, Harda 🌿✨ 

– a story of dedication, culture & inspiration.

Watch here: 

https://youtu.be/yOzVVNDiaKk?si=f7mHB6xmXQCzVaNA



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