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भविष्य की चिंता क्यों? जब सृष्टि का मालिक साथ हो |

भविष्य की चिंता क्यों? 


भविष्य की चिंता अक्सर मन को बोझिल कर देती है। हम उस समय के बारे में सोचते रहते हैं जो अभी आया ही नहीं, और इसी सोच में वर्तमान की शांति खो देते हैं।

सच तो यह है कि भविष्य कोई अचानक मिलने वाली चीज़ नहीं है; वह धीरे-धीरे हमारे आज के विचारों, कर्मों और निर्णयों से बनता है। आज का हर छोटा प्रयास, हर सही कदम आने वाले कल की दिशा तय करता है।

चिंता करने से न रास्ते बदलते हैं और न ही समस्याएँ हल होती हैं। बल्कि मन और अधिक उलझ जाता है। इसलिए भविष्य की चिंता में डूबने के बजाय वर्तमान को समझदारी, धैर्य और विश्वास के साथ जीना ही सबसे सही मार्ग है।

और जब इस विश्वास के साथ जीवन जिया जाए कि सृष्टि का मालिक हमारे साथ है, तब मन और भी निश्चिंत हो जाता है। क्योंकि जहाँ उसका सहारा होता है, वहाँ डर की जगह नहीं रहती—वहाँ केवल भरोसा और आशा का उजाला होता है।

इसलिए आज को संवारो, विश्वास के साथ आगे बढ़ो—
क्योंकि जो अपने आज को सँवार लेता है,
उसका भविष्य अपने-आप उजाला बनकर सामने आ जाता है।
✨🌿

A K Mehta


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