SELF CARE THOUGHTS — Best Collection
किसी को मनाने से पहले यह समझ लेना ज़रूरी है— उसका दर्द तुम्हारे कारण है या समय की देन।
किरदार की ऊँचाई अपनी मेहनत से बनती है, किसी के साये में खड़े होने से नहीं।
सृष्टि उन्हीं को सँवारती है जो झुककर अपनी भूल स्वीकार कर लेते हैं।
गलती मानना हार नहीं, बल्कि नए आरंभ का सबसे सच्चा द्वार है।
यदि किसी की संगत से तुम्हारे विचारों का रूप निखरने लगे, तो समझो—वह साधारण नहीं, असाधारण है।
समय ज़िद को सहन नहीं करता, वह उसे तोड़कर परिवर्तन में ढाल देता है।
परिवर्तन से कभी मत डरना— जो खोता दिखता है, उससे लाख गुना बेहतर आगे मिलता है।
प्रयास यही हो कि हमारी बोली में हमेशा मिठास, मर्यादा और सम्मान झलके।
सुख वही है— जब बीमारी डॉक्टर तक न ले जाए और गलती पुलिस तक न पहुँचे।
नदी की धारा की तरह सृष्टि का प्रवाह अपनी लय में चलता रहता है।
शब्द जीवन का संगीत हैं— कभी हँसी की लय, कभी पीड़ा का सुर; यही शब्द आहत भी करते हैं और संभालना भी सिखाते हैं।
साधक सोचता है वह अकेला है, पर वास्तव में वह गुरु-शक्ति की परिधि में सुरक्षित होता है।
जब सेवा जीवन की परिभाषा बन जाती है, तब हर रिश्ता, हर सपना और हर प्रेरणा नई रोशनी में जगमगा उठती है।
खुद से दया का व्यवहार— वही कुंजी है जो रिश्तों में मिठास और सपनों में उजाला भर देती है।
SELF CARE कोई विलासिता नहीं, यह वह जड़ है जहाँ से जीवन की ऊर्जा और करुणा पनपती है।
ना शिकवा, न कोई राज़ है ज़िंदगी, ना रूठी, न कभी नाराज़ है ज़िंदगी। हर पल को मुस्कान से गले लगाओ— क्योंकि यही सबसे सुंदर अंदाज़ है ज़िंदगी.
सब कुछ खो देने के बाद जो पाने का आनंद मिलता है—वह शब्दों से परे है।
मालिक की अनंत कृपा हमें खोने नहीं देती—वह झूठे "मैं" को मिटाकर सच्चे "स्व" को जगाती है।
जीवन में प्रयास सदैव कीजिए—"लक्ष्य" मिले या "अनुभव", दोनों ही अमूल्य हैं।
वो जब आज़माता है, तो पहले यकीन के दरवाज़े बंद करता है, ताकि देख सके कि भरोसा अब भी ज़िंदा है या नहीं।
जिसे पाने की तमन्ना हो—वो चाहत है; जिसे माँगकर पाया जाए—वो मन्नत है; और जो बिना माँगे मिल जाए—वो गुरु की रहमत है।
मालिक से माँगो, क्योंकि उसकी न देने में भी भलाई है—दुनिया से माँगोगे तो या तो एहसान मिलेगा या अपमान।
लोग क्या सोचते हैं, यह उनका अधिकार है; पर तुम कौन हो, यह तय करने का अधिकार सिर्फ़ तुम्हारा है।
जीवन में सबसे मूल्यवान चीज़ है—आत्मसम्मान। अपना हो या सामने वाले का, दोनों का सम्मान बना रहे—यही प्रयास होना चाहिए।
अब तो बस—सहनशीलता नहीं, अडिगता बन गई है। जहाँ दर्द हार गया, वहाँ मैं संवर गया।
विनम्रता में ही सामर्थ्य छिपी है। आदेश पालन कोई बंधन नहीं, यह वह प्रकाश है जो अनुशासन से निकलकर नेतृत्व तक पहुँचता है।
हर जीवन एक दस्तावेज़ है, जिसकी हर पंक्ति संघर्ष, अधिकार और पहचान की दास्तान कहती है।
शिकायत छोड़ दो, खुद को बदलने का जज़्बा पकड़ लो—ज़िंदगी खुद ही खूबसूरत लगने लगेगी।
अच्छे लोग, सच्चा प्रेम, इज़्ज़त और दौलत—ये मिल तो जाते हैं, पर इन्हें खोने न देना ही जीवन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
देश को अकेले बदलना मेरे बस में नहीं, पर बदलाव लाने वालों का साथ देना मेरी ज़िम्मेदारी है।
24 घंटे भावनात्मक रूप से ज़िम्मेदार बने रहना किसी भी प्रतिस्पर्धा से बड़ा हथियार है। फ़र्ज़ के प्रति संवेदनशीलता ही महानता की ओर ले जाती है।
अनुसरण हमें दिशा तो देता है, पर मंज़िल तक पहुँचने की ताकत हमेशा अपने ही कदमों से मिलती है।
साथ छूटे तो छूट जाए, पर नीयत का साथ रहे—रिश्ते दिल की सच्चाई से पलते हैं।
विश्वास यही सिखाता है—चाहे तुम ईश्वर को चुनो, या अपनी हर बात ईश्वर पर छोड़ दो, अंततः वही चलाता है, वही संभालता है।
एक साथ जुड़ना सरल है, साथ निभाना श्रेष्ठ है, और मिलकर कार्य करना—अद्भुत परिणामों की कुंजी है।
जहाँ सेवा है, वहाँ अहंकार का अस्तित्व नहीं—क्योंकि सेवा ‘मैं’ को पिघलाकर ‘हम’ में बदल देती है।
सेवा में किया गया प्रत्येक कार्य, आपके भीतर एक नई शांति, एक नया ‘आप’ जन्म देता है।
जिसे सेवा का मार्ग मिल जाता है, उसे ईश्वर तक जाने वाली सीधी राह मिल जाती है।
सेवा वह शांत प्रार्थना है, जो बिना बोले भी मालिक तक पहुँच जाती है।
रूह के जागने पर न जाति का अर्थ बचता है, न धर्म का— बस एक निर्मल मानवता होती है, जो हर ओर प्रेम बहाती है।
अच्छाई का आदी होना आसान है, पर कमी को माफ़ करना मुश्किल—यही मन का खेल है।
विलासिता वस्तुओं में नहीं, उस सादगी में है, जहाँ जीवन बोझ नहीं बनता और वर्तमान पूरी चेतना से जिया जाता है।
— आनंद किशोर मेहता

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