SELF CARE THOUGHTS — Best Collection — आनंद किशोर मेहता कुछ बदलाव शोर नहीं करते, बस धीरे-से भीतर उतर जाते हैं। संस्कार नियंत्रण से नहीं उपजते, वे घर के सम्मान, प्रेम और आचरण से बच्चे के भीतर स्वतः दिशा बन जाते हैं। किसी को मनाने से पहले यह समझ लेना ज़रूरी है— उसका दर्द तुम्हारे कारण है या समय की देन। किरदार की ऊँचाई अपनी मेहनत से बनती है, किसी के साये में खड़े होने से नहीं। सृष्टि उन्हीं को सँवारती है जो झुककर अपनी भूल स्वीकार कर लेते हैं। गलती मानना हार नहीं, बल्कि नए आरंभ का सबसे सच्चा द्वार है। यदि किसी की संगत से तुम्हारे विचारों का रूप निखरने लगे, तो समझो—वह साधारण नहीं, असाधारण है। समय ज़िद को सहन नहीं करता, वह उसे तोड़कर परिवर्तन में ढाल देता है। परिवर्तन से कभी मत डरना— जो खोता दिखता है, उससे लाख गुना बेहतर आगे मिलता है। प्रयास यही हो कि हमारी बोली में हमेशा मिठास, मर्यादा और सम्मान झलके। सुख वही है— जब बीमारी डॉक्टर तक न ले जाए और गलती पुलिस तक न पहुँचे। नदी की धारा की तरह सृष्टि का प्रवाह अपनी लय में चलता रहता है। शब्द जीवन का संगीत हैं— कभी हँसी की ल...
Fatherhood of God & Brotherhood of Man.