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शिक्षक और नेतृत्व: दीर्घकालिक सोच की शक्ति शिक्षक केवल पाठ नहीं पढ़ाते—वे समय के साथ छात्रों की सोच, दृष्टि और चरित्र का निर्माण करते हैं। उनका वास्तविक योगदान तुरंत दिखने वाले परिणामों में नहीं, बल्कि उन मूल्यों और विचारों में होता है जो छात्रों के जीवन भर साथ रहते हैं। ठीक इसी तरह, सच्चा नेतृत्व भी केवल तात्कालिक उपलब्धियों या आंकड़ों तक सीमित नहीं होता। प्रभावी नेता भविष्य को ध्यान में रखकर निर्णय लेते हैं—ऐसे निर्णय जो समय के साथ लोगों, संस्थाओं और समाज को मजबूत बनाते हैं। हर शिक्षक और हर नेता के सामने रोज़ कई छोटे-बड़े निर्णय आते हैं। ऐसे हर निर्णय के समय एक प्रश्न स्वयं से पूछना उपयोगी होता है: क्या यह केवल आज की समस्या का समाधान है, या आने वाले वर्षों में भी सकारात्मक प्रभाव छोड़ेगा? दीर्घकालिक दृष्टि ही वह आधार है जो व्यक्ति को मार्गदर्शक बनाती है, नेतृत्व को स्थायी बनाती है और समाज को मजबूत बनाती है। "तात्कालिक सफलता प्रभाव डालती है, लेकिन दीर्घकालिक दृष्टि इतिहास बनाती है।"

Those Who Take Responsibility Become True Leaders.

Those Who Take Responsibility Become True Leaders.  Leadership is often seen as a position of power or authority. But in reality, leadership begins the moment a person chooses to take responsibility . When challenges appear and someone steps forward saying, “I will take responsibility,” that is where true leadership starts to take shape. A real leader does not simply give directions. They learn from mistakes, stand firmly with their team during difficulties, and share the credit when success arrives. Remember— People who avoid responsibility often miss opportunities, but those who embrace it naturally grow into leaders.

कविता श्रृंखला शीर्षक: अपनी राह थामो

अपनी राह थामो – प्रेरक कविताएँ और जीवन के रंग  सुप्रभात   कभी मायूस मत होना, ज़िंदगी ठहरती नहीं। जो आज भारी लगता है, कल वही हल्का होगा। जो आज अधूरा है, कल वही मुकम्मल होगा। हर ठोकर राह दिखाती है, हर दर्द ताक़त बन जाता है। रात चाहे कितनी भी गहरी हो, सुबह आना नहीं भूलती। हौसला थामे रखना, विश्वास जीवित रखना। ज़िंदगी अक्सर अचानक ही मुस्कुरा देती है।  बस आगे बढ़ते रहो… और मुस्कुराते रहो। 🙏 —  Anand Kishor Mehta जीवन का उत्सव ब्रेवो सुपरिमल ऐक्टेवो— नव जीवन का जोश जगाओ, आशा का दीप जलाओ मन में, हर क्षण प्रकाश फैलाओ। रा धा/ध: स्व आ मी ! मंत्र गूँजे अंतरमन में, शक्ति बहे हर एक कण में, साहस–विश्वास संग मुस्काओ, जीवन राग सुनाओ। खेलो कूदो नाचो गाओ, मन को मुक्त उड़ान दो, हँसी–खुशी की लहरों में, जीवन को पहचान दो। जश्न मनाओ, फिर–फिर आओ… हर पल उत्सव, हर श्वास गान, छोटे सुख में अनंत आनंद — यही जीवन, यही सम्मान। मालिक जी की अति दया–मेहर से यह पावन मंत्र मिला, कृपा की अमृत वर्षा से जीवन का हर पथ खिला। — आनन्द किशोर मेहता जब मालिक साथ हो   जब मालिक साथ हो, त...

गलतियाँ और सफ़र: सीखें, संभलें और आगे बढ़ें

गलतियाँ और सफ़र: सीखें, संभलें और आगे बढ़ें जीवन और करियर दोनों ही यात्रा हैं, और इस यात्रा में हम अक्सर गलतियाँ करते हैं। ये गलतियाँ न केवल हमारे अनुभव को बढ़ाती हैं, बल्कि हमें सिखाती हैं कि आगे कैसे बढ़ना है। गलतियों से डरने की बजाय, उन्हें अपने मार्गदर्शक के रूप में अपनाएं। हर ठोकर, हर मोड़ हमें कुछ नया और अनमोल सिखाता है। मेरी कविता: गलतियाँ और सफ़र गलतियाँ रुकावटें नहीं, वे हैं हमारे सच्चे साथी। हर ठोकर, हर मोड़, सिखाता है कुछ नया, कुछ खास। भूलों में मत फँसो, सीखो, संभलो, आगे बढ़ो। हर कदम पर है रोशनी, हर गलती बनाए सफ़र को खूबसूरत। अतीत को दोष मत दो, यह सिर्फ़ है सीख का स्रोत। गलतियों की राह से मत डर, अनुभव छुपा है हर मोड़ पर। हर प्रयास में छुपा है मूल्य, हर गिरावट में अवसर छुपा। सीखो, समझो, और बढ़ते चलो, यही है सच्चा विकास, यही जीवन का खेल। 💡 Takeaway: गलतियाँ रोकने वाली बाधाएँ नहीं हैं। वे आपको मार्ग दिखाती हैं। सीखें, संभलें और आगे बढ़ें — यही जीवन और करियर में असली सफलता है। — Anand Kishor Mehta

राधास्वामी सतसंग दयालबाग की एक दिवसीय औद्योगिक प्रदर्शनी – राजाबरारी, Harda

राधास्वामी सतसंग दयालबाग की एक दिवसीय औद्योगिक प्रदर्शनी – राजाबरारी, Harda आज हरदा में राजाबरारी ईस्टेट ब्रांच द्वारा एक दिवसीय औद्योगिक प्रदर्शनी का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर दयालबाग के सरल जीवन, स्वावलंबन और “नो प्रॉफिट–नो लॉस” सिद्धांत पर आधारित उत्पादों को समाज के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रातः 11 बजे कलेक्टर महोदय ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और सभी स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए इस सेवा-कार्य की सराहना की। राजाबरारी और टिमरनी के युवा भाई-बहनों ने अनुशासन, उत्साह और विनम्रता के साथ अपनी सेवाएँ प्रदान कीं। इस प्रदर्शनी का एक प्रमुख आकर्षण राजाबरारी द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों की चित्रात्मक प्रस्तुति रही, जिसने आगंतुकों को वहाँ हो रहे सेवा-कार्य, उत्पादन और सामाजिक प्रयासों से परिचित कराया। प्रदर्शनी में सर्वसाधारण के दैनिक उपयोग की वस्तुएँ भी प्रदर्शित की गईं, जैसे – डबल और सिंगल बेडशीट, तौलिया, गमछा, आयुर्वेदिक औषधियाँ, तेल, साबुन, हैंडलूम सूती कपड़ा, मच्छरदानी, ऊनी शॉल व खेस, बैग, गंजी, गर्म इनर, लोअर आदि। विशेष रूप से शुद्ध मसाले भी प्रदर्शित किए गए, ज...

गांव की गलियाँ और उनके किस्से – राजाबरारी की झलक

गांव की गलियाँ और उनके किस्से – राजाबरारी की झलक आज मैं राजाबरारी गांव गया और वहां के स्थानीय लोगों के साथ समय बिताया। थोड़ी देर रुककर उनकी संस्कृति, परंपराएँ और रोजमर्रा की जिंदगी को करीब से समझा। गांव की गलियाँ शांत और सादगी भरी थीं, हर मोड़ पर मिट्टी की खुशबू और अपनापन महसूस हुआ। स्थानीय लोगों की बातें, उनकी हँसी और अनुभव यह याद दिलाते हैं कि असली सीख अक्सर किताबों से नहीं, बल्कि जीवन और लोगों से मिलती है। राजाबरारी की खूबसूरती सिर्फ परंपराओं में नहीं, बल्कि छोटे-छोटे अनुभवों और अपनापन में झलकती है। यह अनुभव आंखों और दिल दोनों को ताजगी देता है। आनंद किशोर मेहता 

गाँव की सुबह, मन की मुस्कान

  गाँव की सुबह, मन की मुस्कान  आज सुबह गाँव वैसा ही था, जैसा हर दिन होता है। फिर भी पता नहीं क्यों मन कुछ ज़्यादा ही शांत था। आसमान हल्का-सा सुनहरा हो रहा था। सूरज धीरे-धीरे ऊपर आ रहा था, जैसे उसे भी कोई जल्दी न हो। पगडंडी पर चलते हुए मैंने महसूस किया — यह रास्ता कहीं बाहर नहीं, अंदर तक जाता है। ओस से भीगी घास पर जब कदम पड़े, तो लगा जैसे धरती ने चुपचाप स्वागत किया हो। दूर से आती बच्चों की हँसी हवा में घुल रही थी। उनकी मुस्कान में कोई चिंता नहीं थी, कोई तुलना नहीं थी। लोग अपने काम में लगे थे, बिना शोर, बिना दिखावे। हर चेहरा साधारण था, पर संतुष्ट। तभी समझ आया — खुशी बड़ी घटनाओं में नहीं, इन छोटे पलों में छिपी रहती है। गाँव कुछ कहता नहीं, पर बहुत कुछ जगा देता है। यह सिखाता नहीं, पर सोच बदल देता है। जब लौटकर घर आया, तो सब पहले जैसा ही था — बस मन अलग था। हल्का… स्पष्ट… और मुस्कुराता हुआ। शायद यही गाँव की सुबह का असर है — जो बिना बोले भीतर एक नई रोशनी जगा देती है। — Anand Kishor Mehta 🌿