जब युद्ध सीमाओं से निकलकर हर घर तक पहुँच जाता है 🌍
दुनिया के किसी कोने में होने वाला युद्ध केवल नक्शे पर बनी सीमाओं तक सीमित नहीं रहता।
उसकी गूंज धीरे-धीरे आम लोगों के जीवन तक पहुँच जाती है।
रोज़मर्रा की आवश्यक वस्तुएँ दुर्लभ होने लगती हैं,
कीमतें बढ़ जाती हैं और असुरक्षा की भावना फैलने लगती है।
सबसे बड़ा बोझ उन लोगों पर पड़ता है
जो न तो युद्ध चाहते हैं और न ही उसका हिस्सा होते हैं।
मानव इतिहास बार-बार हमें यही सिखाता है—
सच्ची ताकत जीत में नहीं,
बल्कि ऐसी दुनिया बनाने में है
जहाँ शांति, समझ और सहयोग
मानवता की सबसे बड़ी शक्ति बनें।

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