राधास्वामी सतसंग दयालबाग में कृषि कार्य एक पावन सेवा के रूप में प्रतिदिन सैकड़ों सेवकों द्वारा समर्पण भाव से किया जाता है। दयालबाग की आत्मनिर्भर जीवन शैली में जैविक कृषि और डेयरी को विशेष महत्व प्राप्त है।
फसलों की कटाई एक महोत्सव
यहाँ रबी और खरीफ की फसलों को एक त्यौहार के रूप में सामूहिक सहभागिता के साथ मनाया जाता है। विशेष रूप से गेहूं एवं धान की कटाई एक भव्य महोत्सव का रूप ले लेती है, जिसमें आठ से दस हजार अनुयायी उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। इस दौरान आधुनिक हार्वेस्टर का उपयोग नहीं किया जाता, बल्कि सेवक अपने हाथों से फसल की कटाई कर सेवा, श्रम और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।
सेवा में समानता का भाव
यहाँ न कोई ऊँच-नीच का भेद है, न पद-प्रतिष्ठा का अंतर-चाहे उद्योगपति हों, आईएएस अधिकारी, सीईओ या साधारण जन, सभी एक समान भाव से खेतों में कंधे से कंधा मिलाकर कृषि सेवा करते हैं, जहाँ मानवता और समर्पण ही सबसे बड़ा परिचय बन जाता है।
विभिन्न राज्यों से सहभागिता
इसी पावन सेवा में सहभागिता हेतु आज राजाबरारी और मोगराधाना से 115 राधास्वामी सतसंग के अनुयायी पूर्ण उत्साह के साथ दयालबाग के लिए रवाना हुए। देश के विभिन्न राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश आदि से हजारों स्वयंसेवक इस जैविक कृषि महापर्व में सम्मिलित होने के लिए दयालबाग, आगरा पहुँच रहे हैं।
विशाल कृषि एवं डेयरी सेवा
लगभग दो सप्ताह तक चलने वाले इस कृषि महापर्व में लगभग 500 एकड़ जैविक भूमि पर गेहूं और जौ की कटाई सेवा कार्य संपन्न होता है। साथ ही लगभग एक हजार गाय, भैंस, बकरियों एवं ऊंटों के माध्यम से उत्कृष्ट जैविक डेयरी सेवा भी संचालित की जाती है। दयालबाग की यह अनूठी आत्मनिर्भरता ही है कि यहाँ आज भी दूध मात्र 17 रुपये प्रति लीटर और पौष्टिक जैविक भोजन 10 रुपये से कम में उपलब्ध है। यह व्यवस्था सामूहिक श्रम, सेवा और संतुलित जीवन शैली का एक प्रेरणादायक एवं अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करती है।
प्राकृतिक और संतुलित जीवन शैली
दयालबाग, आगरा की विशेषता यह भी है कि यहाँ की किसी भी कॉलोनी में आज भी एयर कंडीशनर (ए.सी.) का प्रयोग नहीं किया जाता। यहाँ तक कि कई सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एवं उच्च पदों पर कार्य कर चुके व्यक्ति भी बिना एयर कंडीशनिंग के, पूर्णतः प्राकृतिक वातावरण में जीवन यापन करते हैं। पूरी कॉलोनी घने वृक्षों और हरियाली से आच्छादित है, जिसके कारण यहाँ का तापमान आसपास के शहरी क्षेत्रों की तुलना में स्वाभाविक रूप से काफी कम बना रहता है।
— Sumir Devaguptapu Rao
Rajaborari Estate Branch Secratary
कृषि सेवा का पावन स्वरूप



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