राजाबरारी के बच्चों: खेल, शिक्षा और संस्कार 🌿⚽📚
राजाबरारी गांव की शांत गलियों में बच्चों की हँसी और खेल की मस्ती जीवन की सरलता और मासूमियत का आइना हैं। हर दौड़, हर किक, हर मुस्कान हमें याद दिलाती है कि सच्ची खुशी हमेशा बड़े अनुभवों में नहीं, बल्कि छोटे-छोटे, सहज पलों में मिलती है।
ये बच्चे सिर्फ खेल में ही नहीं, बल्कि अपने अध्ययन में भी पूरी लगन और अनुशासन के साथ जुटे हैं। दयालबाग के संस्कारों के साथ, दयालबाग राजाबरारी स्कूल में उनकी पढ़ाई उनके चरित्र और मूल्यों को भी मजबूत बना रही है।
खेल, शिक्षा और संस्कार का यह संतुलन उन्हें जागरूक, सशक्त और संतुलित व्यक्तित्व देने में मदद करता है। राजाबरारी के ये बच्चे हमें यह सिखाते हैं कि जीवन की असली सफलता और खुशी ज्ञान, मस्ती और संस्कारों के संगम में है।
🌿✨ खेल, हँसी और संस्कार — यही है राजाबरारी के बच्चों की असली पहचान।
आनन्द किशोर मेहता








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