Skip to main content

नो प्रॉफिट, सिर्फ सेवा: आपका पौष्टिक मल्टीग्रेन

नो प्रॉफिट, नो लॉस – सिर्फ सेवा और भरोसा 🌿


हमारा मल्टीग्रेन केवल सेवा के लिए तैयार किया जाता है, न कि मुनाफे के लिए।
हर बैच में हम सुनिश्चित करते हैं कि आपको मिले स्वास्थ्य, स्वाद और पूरा विश्वास


💛 सामग्री और प्रक्रिया

  • अनाज: रागी, बाजरा, मक्का, जौ, ज्वार, चना, सोयाबीन और गेहूँ
  • मौसम और शरीर के अनुसार सर्दी और गर्मी में लाभकारी रूप से तैयार
  • चना और सोयाबीन हल्का भुना जाता है, फिर मिल में पीसकर मल्टीग्रेन तैयार
  • अधिकांश सामग्री को ऑर्गेनिक खरीदने की कोशिश की जाती है, जैसे राजाबरारी का ऑर्गेनिक मक्का

🌟 खास बात

  • Dayalbagh Educational Institute (DEI) से चेक किया गया, 100% शुद्ध और पौष्टिक
  • गवर्नमेंट अप्रूवल मिलने पर ही इसे सेवा के रूप में एक यूनिट का दर्जा मिलेगा
  • उद्देश्य: स्वास्थ्य, सेवा और आपका भरोसा

🌾 मल्टीग्रेन आटा – स्वास्थ्य, ताकत और ऊर्जा का स्रोत

मल्टीग्रेन आटा संतुलित अनाजों का मिश्रण है जो शरीर को अंदर से मजबूत, ऊर्जावान और रोग-प्रतिरोधक बनाता है।

मुख्य अनाज: गेहूं, जौ, मक्का, बाजरा, रागी, चना, सोयाबीन, ज्वार


1️⃣ सामान्य मल्टीग्रेन आटा 🥖 (25 kg)

अनाज मिश्रण:

  • गेहूं – 15 kg: नरम और स्वादिष्ट रोटी, ऊर्जा का मुख्य स्रोत
  • मक्का – 3 kg: फाइबर, एंटीऑक्सिडेंट, ऊर्जा
  • ज्वार – 2 kg: पाचन में सहायक, हृदय स्वास्थ्य
  • बाजरा – 1.5 kg: आयरन और कैल्शियम
  • चना – 1.5 kg: प्रोटीन स्रोत
  • रागी – 1 kg: कैल्शियम, फाइबर
  • सोयाबीन – 1 kg: प्रोटीन और हेल्दी फैट

मुख्य लाभ:
✅ नरम और स्वादिष्ट रोटी
✅ उच्च प्रोटीन और फाइबर
✅ रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है


2️⃣ ग्लूटेन-फ्री, शुगर-फ्री और नरम आटा ✨ (25 kg)

अनाज मिश्रण:

  • मक्का – 7 kg, रागी – 5 kg, बाजरा – 3 kg, ज्वार – 3 kg
  • चना – 2 kg (हल्का भुना), सोयाबीन – 1 kg (हल्का भुना)
  • ओट्स / महीन पीसा जौ – 4 kg

नरम रोटी टिप्स:
🌸 हल्का भुना चना और सोयाबीन
🌸 महीन पीसा ओट्स/जौ
🌸 पानी या दही के साथ गूंधें
🌸 बेलते समय हाथ पर थोड़ा पानी या तेल


🏆 पोषण और स्वास्थ्य गुण 💪

अनाज प्रमुख पोषण लाभ
गेहूं कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन ऊर्जा, नरम रोटी
मक्का फाइबर, एंटीऑक्सिडेंट पाचन, हृदय स्वास्थ्य
रागी कैल्शियम, फाइबर हड्डियां, दांत, मांसपेशियां
बाजरा आयरन, फाइबर खून की कमी, पाचन
ज्वार फाइबर, मिनरल्स हृदय स्वास्थ्य, पाचन
चना प्रोटीन, फाइबर ताकत, पेट लंबे समय तक भरा
सोयाबीन प्रोटीन, हेल्दी फैट मांसपेशियां, रोग प्रतिरोधक क्षमता
ओट्स / जौ फाइबर, slow-digest carbs ब्लड शुगर नियंत्रित, ऊर्जा स्थिर

स्वास्थ्य लाभ:
✅ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
✅ ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित
✅ वजन नियंत्रित
✅ पेट दर्द और गैस में राहत
✅ त्वचा और बालों के लिए लाभकारी


💡 उपयोग की टिप्स

✅ चना और सोयाबीन हल्का भूनकर इस्तेमाल करें
✅ ग्लूटेन-फ्री रोटी दही या छाछ के साथ खाएं
✅ नियमित सेवन शरीर को अंदर से मजबूत और ऊर्जावान बनाता है
✅ गर्मियों में जौ / ओट्स का उपयोग अधिक लाभकारी


🌟 सारांश

सही अनाज + संतुलित मिश्रण = बेहतर स्वास्थ्य, ऊर्जा और दीर्घकालिक शक्ति

भदेजी सेंटर में सेवा:
आनंद किशोर मेहता जी द्वारा नो-प्रॉफिट, नो-लॉस के सिद्धांत पर उपलब्ध

📞 संपर्क: आनंद किशोर मेहता, Bhadeji Centre, Gaya (BIHAR)
📱 Mobile: 8797105431



Comments

Popular posts from this blog

राजाबरारी: सेवा, समर्पण और प्रेरणा का आदर्श — सम्माननीय कार्यकर्ता सदस्यगण

सम्माननीय कार्यकर्ता सदस्यगण, राजाबरारी: सेवा और प्रेरणा का आदर्श इधर पिछले वर्ष से मुझे कई बार राजाबरारी जाने का तथा वहाँ की सेवाओं में सहयोग करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। हर बार वहाँ जाकर जो अनुभव मिला, वह मेरे लिए अत्यंत प्रेरणादायक और हृदय को गहराई से स्पर्श करने वाला रहा। दयालबाग के राजाबरारी क्षेत्र में सक्रिय कार्यकर्ता सदस्यों का समर्पण, अनुशासन और विशेष रूप से उनकी अत्यंत विनम्र एवं निस्वार्थ सेवा ने मुझे गहराई से प्रभावित किया। वहाँ की सेवाओं को निकट से देखकर यह अनुभव हुआ कि यह केवल कार्य नहीं, बल्कि सच्चे अर्थों में सेवा, साधना और समर्पण की एक सजीव अभिव्यक्ति है। प्रातःकाल के समय भाईयों और बहनों को पूर्ण अनुशासन और निष्ठा के साथ खेतों में सेवा करते देखना वास्तव में अत्यंत प्रेरणादायक अनुभव है। इतनी सुबह, शांत और समर्पित भाव से सेवा में लगे रहना निस्वार्थ सेवा का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करता है। इसी प्रकार, दयालबाग राजाबरारी के विस्तृत जंगल क्षेत्र की देखरेख और संरक्षण का कार्य भी अत्यंत महत्वपूर्ण सेवा के रूप में किया जा रहा है। प्रकृति की रक्षा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति यह...

छह वर्षों की खामोशी के बाद | प्रेरणादायक विद्यार्थी कहानी

  “छह वर्षों की खामोशी के बाद…” कभी-कभी किसी बच्चे की बुद्धि कमजोर नहीं होती, बस उसका जागने का समय बाकी होता है। वह बच्चा वर्षों तक किताबों के सामने बैठा रहा। माता-पिता और शिक्षकों ने अनगिनत प्रयास किए, पर परिणाम जैसे सूखी धरती पर बरसात का इंतज़ार हो… फिर एक दिन अचानक कुछ बदला। शायद आत्मविश्वास जागा, शायद किसी बात ने भीतर की नींद तोड़ी, या शायद समय ने आखिर उसका हाथ थाम लिया। उस दिन शिक्षक ने पहली बार महसूस किया कि बच्चा पढ़ नहीं रहा था — वह अब समझने लगा है। जो काम वर्षों की कोशिशों से नहीं हो पाया, वह उसने एक दिन में कर दिखाया। और फिर तो जैसे मौसम बदल गया… हर दिन नया उत्साह, हर दिन नई प्रगति, और केवल तीन महीनों में उसने वह कर दिखाया जिसका इंतज़ार शिक्षक वर्षों से कर रहे थे। यह कहानी सिर्फ एक बच्चे की नहीं, बल्कि उस सत्य की है कि — “हर फूल अपने समय पर खिलता है। कुछ बच्चों को समझने में देर लगती है, लेकिन जब वे जागते हैं, तो इतिहास बदल देते हैं।” — 𝓐 𝓚 𝓜𝓮𝓱𝓽𝓪 ✍️

Rajabarari Hindi Poetry Blog | Nature, Seva & Inspirational Thoughts

एक सोच  जीवन एक बहती धारा है, हर पल नया इशारा है। गिरकर जो फिर संभल जाए, वही सच्चा सितारा है। धूप मिले तो मत इतराना, छाँव मिले तो मत घबराना। मुश्किल राहें रोक न पाएँ, हौसलों को बस जगाना। सपनों को सच करना सीखो, मेहनत से नाता रखना। अपने कर्मों से दुनिया में, खुद की पहचान बनाना। ✍️ — 𝓐 𝓚 𝓜𝓮𝓱𝓽𝓪 एहसास की कीमत  अल्फाज़ तभी असर दिखाते हैं, जब दिल से निकलकर आते हैं। सिर्फ शब्दों का खेल नहीं, इनमें जज़्बात भी समाते हैं। सच्चाई की खुशबू हो जिनमें, वो हर दिल को छू जाते हैं। झूठी बातें पलभर चमकें, सच्चे लफ़्ज़ अमर हो जाते हैं। ✍️ — 𝓐 𝓚 𝓜𝓮𝓱𝓽𝓪 राजाबरारी की अमृत बेला  रात की चादर ओढ़े पर्वत, जब निद्रा में खो जाते हैं। तब राजाबरारी की वादियों में, भक्ति के दीप जल जाते हैं। 🙏 भोर तीन बजे से सजती है, सूरज की पहली आभा तक। सेवा, सिमरन और मौन यहाँ, रूह को ले जाए दाता तक।  न कोई शोर, न कोई हलचल, बस नाम की अमृत धार बहे। इन ठंडी-ठंडी पवन कोंपलों में, मालिक का ही वास रहे।  जब प्रथम किरण नभ को छूती, रूह अंतर्मन से मुस्काती है। राजाबरारी की यह भोर-सेवा, जीवन में उजाला कर जा...